World Environment Day: जैव विविधता को साझी विरासत के रूप में संजोने का लें प्रण
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शुक्रवार को विश्व पयार्वरण दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी और अपनी जैव विविधता को साझी विरासत के रूप में संजोने तथा एक मजबूत समाज के निमार्ण का आह्वान किया। दुनिया के 143 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ पयार्वरण की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने और इससे संबंधित कायोर्ं को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल पांच जून को विश्व पयार्वरण दिवस मनाया जाता है।
श्री तमांग ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा, “ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, फूलों के खिलने की अवधि बढ़ी है, बारिश अनियमित हुई है और हम हर साल तापमान में वृद्धि होते देख रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति बढ़ गई है।”उन्होंने कहा, “हम सभी एक साथ इन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सिक्किम, हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का एक हिस्सा है जो पूर्व में भूटान, पश्चिम में नेपाल और दक्षिण में पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है। साझा चुनौतियों से व्यापक क्षेत्रीय सहयोग के साथ निपटने की आवश्यकता है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल में भूटान से सिक्किम और नेपाल तक याक के प्रजनन और बड़ी इलायची पर क्षेत्रीय संवाद का आदान-प्रदान क्षेत्रीय सहयोग के अच्छे उदाहरण थे जिसे और मजबूत किया जाना चाहिए।
श्री तमांग ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा, “ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, फूलों के खिलने की अवधि बढ़ी है, बारिश अनियमित हुई है और हम हर साल तापमान में वृद्धि होते देख रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति बढ़ गई है।”उन्होंने कहा, “हम सभी एक साथ इन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सिक्किम, हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का एक हिस्सा है जो पूर्व में भूटान, पश्चिम में नेपाल और दक्षिण में पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है। साझा चुनौतियों से व्यापक क्षेत्रीय सहयोग के साथ निपटने की आवश्यकता है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल में भूटान से सिक्किम और नेपाल तक याक के प्रजनन और बड़ी इलायची पर क्षेत्रीय संवाद का आदान-प्रदान क्षेत्रीय सहयोग के अच्छे उदाहरण थे जिसे और मजबूत किया जाना चाहिए।

No comments:
Post a Comment