खाना पकाते समय इस दिशा मुख होना मतलब हमेशा रहेंगे परेशान
1/5इसलिए कहते हैं जैसा खाएं अन्न वैसा रहे मन
कहते हैं कि जैसा अन्न खाया जाए मन भी वैसा ही हो जाता है। लेकिन इसके साथ ही एक और बात कही जाती है। वह यह है कि खाना बनाते समय जैसा बनाने वाले का मन होता है वैसे ही भाव खाने वाले के मन में भी आते हैं। इसलिए ज्योतिषशास्त्र के अनुसार खाने बनाने वाले को सदैव दिशा का ख्याल रखते हुए ही भोजन बनाना चाहिए।
2/5यह दिशा देती है तमाम परेशानियां
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कभी भी दक्षिण दिशा में मुख करके खाना नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने से खाना बनाने वाले और खाने वाले लोगों के जीवन में निर्धनता आती है। इसके अलावा यहां जोड़ों में दर्द, सिर में दर्द और माइग्रेन होने की समस्या हमेशा बनी रहती है।
3/5यह दिशा कराती है हमेशा ही नुकसान
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा की ही तरह उत्तर दिशा की ओर भी मुख करके खाना नहीं बनाना चाहिए। यह अत्यंत ही अशुभी होता है। इससे घर और बाहर हर जगह विवाद बढ़ता है। आर्थिक स्थिति भी खराब होने लगती है। कई बार कंगाल होने तक की स्थिति आ जाती है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कभी भी पश्चिम दिशा में मुख करके भोजन नहीं पकाना चाहिए। मान्यता है कि इस दिशा में मुख करके खाना बनाने से जीवन में कलह बढ़ती है। इसके अलावा ऐसी स्त्रियों का दांपत्य जीवन भी हमेशा कष्टमय ही रहता है। इसलिए इस दिशा में मुख करके भूले से भी खाना नहीं बनाना चाहिए।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार भोजन बनाने वाले को हमेशा पूर्व दिशा में मुख करके भोजन बनाना चाहिए। कहा जाता है कि इस दिशा में मुख करके भोजन बनाने से जीवन में हमेशा ही सुख-संपदा का वास होता है।





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