कई बार देखा जाता है कि महिलाएं घर-परिवार और काम की जिम्मेदारियों के बीच अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरतने लगती हैं। जिसका नतीजा होता है कि कुछ ही सालों बाद वो बीमार रहना शुरू कर देती हैं। महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं। इसलिए जरूरी है कि वो खुद की सेहत का भी उतना ही ख्याल रखें जितना कि अपने परिवार का। ऐसे में जरूरी है कि कुछ तरह के टेस्ट सही समय पर करवा लिए जाएं, जिससे की भविष्य में होने वाली बीमारियों से बचने का उपाय मिल जाए और आप स्वस्थ, खुशहाल जिंदगी जिएं। तो चलिए जानें वो कौन से टेस्ट हैं जिन्हें महिलाओं को 30 से 35 की उम्र के बाद जरूर करवाने चाहिए।
पेल्विक एग्जाम
30 की उम्र को पार करने के बाद आपको पेल्विक एग्जाम की जांच जरूर करवानी चाहिए। यह जांच यूटरस की सही स्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
पैप टेस्ट
इसके अलावा आपको पैप टेस्ट हर साल करवाना चाहिेए। यह जांच सर्वाइकल कैंसर को पता करने के लिए किया जाता है। टेस्ट पॉजिटिव आने पर समय रहते प्राथमिक स्टेज में ही इसका इलाज करवाना जरूरी होता है।
ब्रेस्ट कैंसर
स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली एक गंभीर समस्या है। इस बीमारी में प्रारंभिक लक्षणों का आभास नहीं हो पाता। स्तन कैंसर की जांच आपको हर तीन वर्ष में नियमित तौर पर करवानी चाहिए। इस जांच को महिलाएं मेमोग्राफी तकनीक से करवा सकती हैं।
स्किन की जांच
स्तन कैंसर की तरह महिलाओं के लिए स्किन कैंसर भी एक गंभीर बीमारी है। इससे बचने के लिए महिलाओं को इसकी जांच करवानी चाहिए। इससे आप समय रहते इसके खतरे से बच सकती हैं।
कोलेस्ट्रॉल
शरीर में खून में कॉलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच करवाना बेहद जरूरी है। इनका असामान्य होना, कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बना सकता है।
ब्लडप्रेशर
ब्लडप्रेशर कई तरह की समस्याएं पैदा करता है। महिलाओं को नियमित तौर पर इसकी जांच करवाते रहनी चाहिए और इसे नियंत्रित रखना चाहिए। ऐसा नहीं करने से इसके चलते दूसरी समस्याएं बढ़ सकती हैं।






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